Article 370 and article 35A in hindi

कश्मीर के बारे में लिखने से पहले मुझे एक गाना याद आ रहा है. अलका याग्निक और उदित नारायण जी की सुमधुर आवाज में गाया ये गाना  सचमुच मन को मुग्ध करती है जिसकी कुछ लाइने मैं आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ –

ये तो कश्मीर है इसकी फिजा का क्या कहना 

देश दुल्हन है ये दुल्हन के तन का है गहना 

कहा जाता है की यदि धरती में कहीं स्वर्ग है तो वह कश्मीर है. यह ग्रेट हिमालयन रेंज के मध्य स्थित है. हर मौसम में यहाँ की मनमोहिनी नैसर्गिक छटा हर किसी का मन मोह लेती है. बगान में झूलते लाल सेब देखते ही बनती है. जर्द चिनार का सुनहरा सौन्दर्य लोक लोचनों को अपनी ओर आकर्षित करती है. सर्दी के मौसम में फैली चारों ओर बर्फ की चादरें पर्यटकों को खूब पसंद आती है. देवदार और चीड़ के पेड़ों से गिरते बर्फ के टुकड़ों का नजारा एक नयी दुनिया का आभाष कराती है. कश्मीर की सुन्दरता को शब्दों में बयाँ करना थोडा मुश्किल होगा जब तक आप खुद से उस खूबसूरत वादी को अनुभव ना करें.

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कश्मीर को भले ही धरती का स्वर्ग हम कह लें किन्तु वादी में फैली अशांति से आप भलीभांति परिचित हैं. यहाँ की प्राकृतिक मनमोहक खुशबू के साथ – साथ बारूद की  भी गंध फैली हुई है. यहाँ झूमते प्रकृति की सुमधुर आवाज के साथ – साथ आपके कानो तक  बम और गोलों के धमाकों की आवाज पहुँच सकती है. कश्मीर के बारे में हम बहुत कुछ सुन चुके हैं, देख चुके हैं और जान चुके हैं किन्तु क्या आप जानते हैं की अनुच्छेद 370 तथा 35A क्या है

जम्मू और कश्मीर से हटाये गये अनुच्छेद 370 तथा 35A

गृहमंत्री अमित शाह के द्वारा राज्यसभा में एक ऐतिहासिक बयान दिया गया जिसमे  जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का ऐलान किया गया. जैसे ही राष्ट्रपति के आदेश से राज्य से धारा 370 हटाया गया वैसे ही राज्य का विशेष दर्जा बेअसर हो गया है. राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा जायेगा जम्मू कश्मीर और लद्दाख. अब वहां की दोहरी नागरिकता पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है.

क्या हैं धारा 370 का प्रावधान 

धारा 370 के प्रावधानों के अनुसार जम्मू कश्मीर के बारे में संसद को संचार, रक्षा और विदेश मामले के विषय में कानून बनाने का अधिकार है किन्तु अन्य विषयों से सम्बंधित कानून लागू करने के लिए केंद्र को राज्य सरकार की मंजूरी चाहिए. धारा 370 के प्रारूप के अनुसार जम्मू कश्मीर को भारत के अन्य राज्यों से अलग अधिकार मिल गये.

समझिये जम्मू कश्मीर का अधिकार 

धारा 370 का प्रभाव से हटने के साथ ही निम्नलिखित विशेषाधिकार स्वतः हट जायेंगे 

  •  यहाँ का एक अलग झंडा था.
  •  अन्य राज्यों के लोग कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकते थे.
  •  अल्पसंख्यकों को कोई आरक्षण नहीं. 
  •  विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्षों का होता था.
  •  धारा 360 ( वित्तीय आपातकाल ) लागू नहीं होती थी.
  •  धारा 356 लागू नहीं. 
  •  आरटीआई लागू नहीं.
  •  यहाँ पर दोहरी नागरिकता लागू थी.

धारा 370 के हटने से कश्मीर में क्या बदलाव आया 

  •  दोहरी नागरिकता ख़त्म, अब होगी एकल नागरिकता.
  •  अलग झंडा नहीं रहेगा.
  •  तिरंगे का अपमान अपराध होगा.
  •  विधानसभा का कार्यकाल 5 साल का होगा.
  •  महिलाओं को समानता का अधिकार प्राप्त होगा.
  •  अन्य राज्यों के लोग जमीन खरीद पाएंगे.
  •  बाहरी निवेश बढेगा फलस्वरूप रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे.
  •  केंद्र सरकार के कानून लागू होंगे तथा सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू होंगे.
  •  अल्पसंख्यकों को आरक्षण का लाभ प्राप्त होगा.
  •  अब वहां कोई विशेषाधिकार लागू नहीं होगा.
  • अब धारा 360 और धारा 356 लागू होंगे.
  • कश्मीर के लड़कियों को अन्य राज्यों में शादी करने पर भी उनके अधिकार नहीं छिनेंगे.

आर्टिकल 35A क्या है

भारत के संविधान में ऐसे दो आर्टिकल (आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35A) हैं जो जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करते हैं. आर्टिकल 35A एक ऐसा प्रावधान है जो कश्मीर विधानमंडल को यह अधिकार प्रदान करता है वह यह तय करे की यहाँ का स्थानीय निवासी कौन है, संपत्ति खरीदने का अधिकार किसे प्राप्त होगा, कश्मीर विधानसभा चुनाव में वोट डालने का अधिकार किसे होगा, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों का लाभ किसे प्राप्त होगा, सार्वनिक क्षेत्र के नौकरियों में आरक्षण किसे मिलेगा, इत्यादि.

आर्टिकल 35A के प्रावधान 

  •  यह गैर कश्मीरियों को वहां पर जमीन खरीदने से रोकता है.
  •  अन्य राज्य के लोग वहां मतदान में भाग नहीं ले सकते हैं.
  • अन्य राज्य के लोगों को वहां की नागरिकता नहीं मिल सकती है.
  •  कश्मीर की लड़की यदि अन्य राज्यों में शादी करती है तो उसके सारे अधिकार ख़त्म हो जायेंगे.
  •  आर्टिकल 35A कश्मीर विधान सभा को स्थायी नागरिक की परिभाषा तय करने का अधिकार देता है.
  •  बाहर के लोग कश्मीर में नौकरी नहीं कर सकते.

कश्मीर से अब दोनों धाराएँ हटाई जा चुकी है. इस विषय से सम्बंधित आपकी क्या राय है. आप इन दोनों धाराओं को हटाये जाने के बाद क्या सोचते हैं. अपनी राय कमेंट करके मुझसे जरुर शेयर करें.

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