Code of Conduct meaning in Hindi : आचार संहिता क्या होती है

Code of Conduct meaning in Hindi : आचार संहिता क्या होती है : चुनाव की तारीख की घोषणा होते ही आचार संहिता लागू कर दिए जाते हैं किन्तु कई मतदाताओं को इसके बारे में कुछ पता तक नहीं होता है. वे अच्छी तरह नहीं जानते हैं कि आखिर “आदर्श आचार संहिता” वास्तव में होती क्या है! यदि आप भी आचार संहिता के बारे में पूरी बात समझना चाहते हैं तो इस लेख को अंत तक पढ़ें.

चुनाव आयोग द्वारा चुनाव से पहले आचार संहिता लगा दिए जाते हैं और चुनाव के समाप्ति के साथ ही इसे भी समाप्त कर दिए जाते हैं. इस नियमावली का चुनाव के समय पालन करना सभी प्रत्याशियों के लिए अति आवश्यक है अन्यथा चुनाव आयोग नियमानुसार कई प्रकार का कारावाई करने का अधिकार रखता है.

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और इस देश में चुनाव को एक उत्सव के रूप में माना जाता है. यहाँ मतदान करना सभी नागरिकों का समान अधिकार है. चुनाव के दौरान कई उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं और मतदाताओं के बीच जाते हैं. ऐसे में कहीं कुछ गलत न हो और चुनाव जैसे महापर्व को सुरक्षित तरीके से सफल बनाया जा सके इसके लिए कानून – व्यवस्था बनाये रखना आवश्यक है.

चुनाव कार्य को सही तरीके से संपन्न करना वास्तव में चुनाव आयोग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है ऐसे में जब मैदान में उतरे कई उम्मीदवार वोटरों को लुभाने के लिए कई प्रकार के हथकंडे आजमाते हैं. देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो इस बात को सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा अचार संहिता लागू किये जाते हैं.

ज्ञात हो कि “चुनाव आचार संहिता” चुनाव आयोग द्वारा बनाये गए कुछ नियम हैं जिसके तहत कुछ दिशानिर्देश जारी किये जाते हैं. इसका वर्णन हमारे भारतीय संविधान में नहीं है किन्तु इन नियमों का पालन करना सभी राजनीतिक दलों के लिए आवश्यक रूप से जरुरी है. चलिए, विस्तार पूर्वक समझते हैं कि – आचार संहिता क्या होती है? Code of Conduct meaning in Hindi –

आचार संहिता क्या होती है?

आचार संहिता वास्तव में वह निर्धारित नियम हैं जिसे निर्वाचन आयोग (Election Commission) द्वारा चुनाव की तिथि की घोषणा के पशचात लागू कर दिया जाता है ताकि चुनाव कार्य को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से संपन्न किया जा सके. इसे चुनाव के बाद समाप्त कर दिया जाता है.

वास्तव में आचार संहिता के अंतर्गत आनेवाले सभी नियम इसलिए भी सख्ती से लागू होते हैं ताकि सत्तारूढ़ दल अपने पावर का इस्तेमाल कर चुनाव में अनुचित लाभ प्राप्त न कर सकें और सभी पार्टियों को सामान अवसर प्राप्त हो सके. जब उम्मीदवार अपने पक्ष में वोट पाने के लिए कई तरह के उचित – अनुचित तरीके अपनाते हैं ऐसी परिस्तिथि में शांति और विधि – व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक हो जाता है. वोट पाने के लिए भ्रष्ट आचरणों जैसे कई प्रकार के प्रलोभन, बल प्रयोग आदि गतिविधियों को रोका जा सके. इसके नियम इस बात को भी सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक है कि दो दलों के बीच आपसी टकराव पर भी लगाम लगाया जा सके.

आचार संहिता को अंग्रेजी में “Code of Conduct” के नाम से जानते हैं. यदि किसी प्रदेश में अचार संहिता लगता है तो वहां कई प्रकार के नियम और कानून व्यवस्था में बदलाव आ जाता है. सरकारी कर्मचारियों को चुनाव आयोग के निर्देशों पर कार्य करना पड़ता है. राज्य के मंत्री और प्रशासन पर भी कई तरह के अंकुश लग जाते हैं.

जब तक प्रदेश में अचार संहिता लागू रहता है अर्थात चुनाव के समाप्ति तक प्रत्येक राजनैतिक पार्टियों, उम्मीदवारों और लोगों को इसके नियम को पालन करना अनिवार्य है. अचार संहिता के निर्देशों के विरुद्ध कार्य करने पर चुनाव आयोग उसके खिलाफ कई प्रकार का कार्रवाई कर सकता है और हो सकता है उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से भी रोका जा सके.

आइये उन महत्वपूर्ण विन्दुओं को देखते हैं जब कहीं आचार संहिता लागू कर दिया जाता है तो क्या होता है –

क्या होता है जब कहीं आचार संहिता लागू कर दिया जाता है?

  • प्रदेश में कई प्रकार के नियम और कानून में बदलाव आ जाते हैं
  • पुरे चुनाव के समय कोई भी सरकारी नियुक्ति नहीं होगी
  • सरकार किसी प्रकार की नयी योजनाएं/घोषणाएं नहीं कर सकती है. यदि कुछ ख़ास परिस्तिथि उत्पन्न हो जाए तो चुनाव आयोग से इजाजत लेकर ऐसा किया जा सकता है
  • शिलान्यास, लोकार्पण और उद्घाटन जैसे कार्य भी सरकार द्वारा नहीं किया जा सकता है
  • चुनाव जब तक चलती है तब तक सरकारी कर्मचारी आयोग के दिशा – निर्देशों पर कार्य करते हैं

हमारे अन्य महत्वपूर्ण लेख पर्यावरण क्या है? जानिये पर्यावरण हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

जब आचार संहिता लागू हो तो क्या करना और नहीं करना चाहिए

  • किसी धार्मिक स्थल का उपयोग चुनाव प्रचार हेतु एक मंच के रूप में नहीं किया जाना चाहिए
  • ऐसा प्रत्येक कार्य करना निषेध माना जाता है जिससे किसी की धार्मिक और जातीय भावना आहात होती हों
  • चुनाव के दौरान मतदाताओं को आकृष्ट करने के लिए रिश्वत नहीं दिया जाना चाहिए
  • बड़ी मात्रा में नकदी लेकर नहीं चल सकते
  • आप नीतियों की आलोचना कर सकते हैं किन्तु वोट पाने के लिए किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत आलोचना नहीं किया जा सकता है
  • किसी की स्वामित्व वाले संपत्ति पर बिना उसके अनुमति के उपयोग नहीं करना चाहिए
  • चुनाव कार्य हेतु सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए
  • सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग किसी विशेष पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं किया जा सकता है
  • सभाओं का आयोजन, रैलियों के लिए समय, स्थान और मार्ग से सम्बंधित सूचनाओं से अवगत वहां के सम्बंधित पुलिस थाना को करायें
  • नियमानुसार ही लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाना चाहिए
  • किसी दुसरे दलों को किसी भी प्रकार से बाधा नहीं पहुँचाया जाना चाहिए
  • मतदान से 24 घंटे पहले किसी को शराब वितरण नहीं किया जाना चाहिए
  • जुलुस इसतरह निकाला जाना चाहिए जिससे यातायात प्रभावित न हो
  • सरकारी धन से विज्ञापन जारी नहीं किया जा सकता है

ज्ञात हो कि चुनाव के दौरान देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो सके इसके लिए आचार संहिता के नियम बहुत ही सख्ती से लगाये जाते हैं और इसके नियम के विरुद्ध जाने पर अथवा उल्लंघन करने पर दण्ड का प्रावधान है. चलिए देखते हैं यदि कोई इसके नियमों का उल्लंघन करता है तो क्या होता है –

आचार संहिता के नियमों के विरुद्ध जाने पर क्या हो सकता है?

चुनाव आयोग उचित और व्यवस्थित तरीके से चुनाव कार्य संपन्न करा सके इसलिए चुनाव से पूर्व अचार संहिता लागू करने की घोषणा की जाती है और कोई इसके नियम के विरुद्ध आचरण करता है इसपर दण्ड का भी प्रावधान है और उनपर निम्न कार्रवाई हो सकती है –

  • उम्मीदवार को चुनाव प्रचार से बाहर किया जा सकता है
  • उम्मीदवार की उम्मीदवारी भी रद्द की जा सकती है
  • उनके खिलाफ FIR दर्ज हो सकती है
  • कई मामलों में जेल भी भेजा जा सकता है

अन्य महत्वपूर्ण बात

यहाँ पर आप आचार संहिता से सम्बंधित कई महत्वपूर्ण बातें समझ चुके है. परेशानी मुक्त सुरक्षित चुनाव करने हेतु आचार संहिता का लागू होना काफी हद तक प्रभावी है. जैसा कि आप समझ चुके हैं कि चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता लागू और समाप्त किया जाता है. चुनाव आयोग के पास कुछ संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं ताकि वह चुनाव कार्य संपन्न करा सके और यदि कोई इसमें अवरोध उत्पन्न करता है तो उसके ऊपर कार्रवाई कर सके.

वोट देना आपका अधिकार है इसलिए बिना किसी बहकावे में आकर हमेशा सही उम्मीदवार को ही चुनना चाहिए. आपका एक मत काफी किमती है, इसे किसी गलत उम्मीदवार को देकर बर्बाद न करें.

दोस्तों इस लेख Code of Conduct meaning in Hindi में बस इतना ही और यदि आपको लेख पसंद आयी हो तो like, share और comment करना ना भूलें.

Lal Anant Nath Shahdeo

मैं इस हिंदी ब्लॉग का संस्थापक हूँ जहाँ मैं नियमित रूप से अपने पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करता हूँ. मैं अपनी शिक्षा की बात करूँ तो मैंने Accounts Hons. (B.Com) किया हुआ है और मैं पेशे से एक Accountant भी रहा हूँ.

Spread your love:

Leave a Comment