Consumer Awareness In Hindi

Consumer Awareness in Hindi : उपभोक्ता जागरूकता क्यों आवश्यक है?

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क्या आप किसी वस्तु या सेवा के लिए उसका मूल्य चुकाते हैं, यदि हाँ, तो आप एक उपभोक्ता हैं. इसतरह प्रत्येक व्यक्ति उपभोक्ता (Consumer) होता है क्योंकि हर कोई किसी वस्तु या सेवा के लिए उसका मूल्य चुकाता ही है.

दोस्तों, एक उपभोक्ता होने के नाते आपके कुछ अधिकार होते हैं जिसके बारे में आपको अवश्य पता होना चाहिए क्योंकि उपभोक्ता जागरूकता (Consumer Awareness) आपको कई तरह से “धोखा” से बचाता है. यह उचित निर्णय लेने में मदद करता है. आज के इस लेख में हम उपभोक्ता जागरूकता के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे. तो चलिए आगे बढ़ते हैं-

मान लीजिये कोई आपको ख़राब वस्तु या सेवाओं के लिए अधिक मूल्य लेकर या ख़राब सामान देकर या किसी अन्य तरीकों से ठग लेता है तो ऐसी स्तिथि में आपको क्या करना चाहिए? आज के इस लेख में हम उपभोक्ता जागरूकता के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे. Consumer Awareness in Hindi, उपभोक्ता किसे कहते हैं? उपभोक्ता शोषण के प्रकार, उपभोक्ताओं के अधिकार और कर्तव्य आदि.

वर्ष 1986 में सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम बनाया.

Consumer Awareness in Hindi : उपभोक्ता किसे कहते हैं?

उपभोक्ता से सम्बंधित अन्य बातों को जानने से पहले आपको ‘उपभोक्ता किसे कहते हैं इसके बारे में जानना चाहिए.

उपभोक्ता जिसे अंग्रेजी में consumer कहते हैं. उपभोक्ता (consumer) वह व्यक्ति होता है जो विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं का उपभोग करता है या उनका उपयोग अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए करता है. यहाँ पर आपको एक महत्वपूर्ण बात स्मरण रखना है कि उपभोक्ता अर्थात जो उपभोग के लिए सामान खरीदता है न कि पुनर्विक्रय (resale) या वाणिज्यिक उद्देश्य (commercial purpose) के लिए.

यदि कोई retailer किसी wholesaler से पुनःविक्रय करने के उद्देश्य से कुछ सामान खरीदता है तो उसे उपभोक्ता नहीं कहा जा सकता है. इसीतरह यदि कोई व्यक्ति अपने उपयोग के लिए चावल, आटा, तेल, टेलीविज़न, कंप्यूटर आदि वस्तुएं खरीदता है तो वह एक उपभोक्ता है.

उपभोक्ता शोषण के प्रकार

जैसा कि आप सभी जानते हैं व्यापारिक क्रियाकलापों के विस्तार होने के कारण आज बाजार में कई प्रकार की सेवायें और वस्तुएं उपलब्ध हैं जिसके कारण हमें सही वस्तु का चुनाव करने में कठिनाई होती है.

यूँ तो उपभोक्ताओं को ठगा जाना कोई नयी बात नहीं है फिर भी आज का बाजार इतना व्यापक है कि उचित जानकारी के आभाव में हम कई प्रकार से ठगे जा सकते हैं. कई बार तो विक्रेता द्वारा भी हम ठगे जा सकते हैं जैसे –

अधिक कीमतें लेना : दुकानदारों द्वारा निर्धारित खुदरा मूल्य से अधिक मूल्य लेना उपभोक्ताओं के शोषण के सामान्य तरीका है.

नकली माल बेंचना : आज के दौर में बाजार में नकली माल की भरमार है इससे आपको सावधान रहना है.

मिलावटी सामान बेंचना : अधिक लाभ कमाने के लालच में कुछ लोग खाद्य पदार्थों जैसे तेल, घी, मसालों आदि में मिलावट करके लोगों को ठगते तो हैं ही साथ – ही – साथ लोगों के स्वास्थ्य से भी खिलवाड़ करते हैं.

Expiry date के बाद सामान बेंचना : सामान की अंतिम तिथि निकल जाने के बाद भी कुछ विक्रेता जानबूझकर ग्राहकों को expiry date वाला सामान देते हैं. ऐसी वस्तुएं निम्न स्तर की होती है.

माप में कमी : यह ठगी करने का सबसे सामान्य तरीका है जिसकी शिकायतें उपभोक्ताओं द्वारा हमें कई बार देखने – सुनने को मिलता है.

जमाखोरी करना : इस शब्द से तो आप परिचित होंगे ही. जमाखोरी के कारण बाजार में उस वस्तु का आभाव हो जाता है और बाद में इसे अधिक दामों में बेच दिया जाता है.

उपभोक्ता को वेवजह परेशान करना : खासकर जब आप कोई नयी टेलीफोन लाइन लेते हैं या गैस कनेक्शन लेते हैं तो जो विक्रेता होते हैं आपके पास अनावश्यक शर्ते रखकर आपको परेशान करते हैं.

अच्छी service नहीं देना : विक्रय पश्चात सेवा की असंतोषजनक सुविधा सम्बन्धी सम्बन्धी शिकायतें भी आमतौर पर देखा जाता है. खासकर जब आप कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेते हैं.

अधूरी और गलत जानकारी देकर सामान बेंचना : इसप्रकार का कार्य करके विक्रेता आसानी से भोलेभाले उपभोक्ताओं को धोखा में डाल सकते हैं. जब आप कोई beauty product, electronic उपकरण आदि खरीद रहे हों तब इसप्रकार का ठगी का शिकार हो सकते हैं.

अब तो आप समझ ही गए होंगे की आप विक्रेता द्वारा किस प्रकार से ठगी का शिकार हो सकते हैं. इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे आपके पास सिमित सुचना होना, साक्षरता की कमी, कभी – कभी क्रेता की लापरवाही भी हो सकती है. अब चलिए आगे जानते हैं कि एक उपभोक्ता होने के नाते आपके पास क्या – क्या अधिकार और कर्त्तव्य हैं –

उपभोक्ताओं के अधिकार (Consumer Awareness in Hindi)

(1) सुरक्षा का अधिकार : उन वस्तुओं की बिक्री से खुद का बचाव करने का अधिकार जो आपके जीवन और संपत्ति के लिए हानिकारक है. यह उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है. सुरक्षा को बाधित करनेवाला उन सभी उत्पादों से संरक्षित किया जाना उपभोक्ता का सबसे पहला अधिकार है.

(2) सूचना का अधिकार : इस अधिकार के अंतर्गत गुणवत्ता, मात्रा, शुद्धता, मूल्य और स्तर आते हैं अर्थात उत्पाद से सम्बंधित विवरणों की सही जानकारी प्रदान किया जाना चाहिए.

(3) चुनने का अधिकार : आपको उत्पाद का चयन करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता यह आपका अधिकार है कि आप विभिन्न वस्तुओं को परखकर चुनाव कर सकें.

(4) सुनवाई का अधिकार : यदि आप ख़रीदे गए उत्पादों से असंतुष्ट हैं तो आपके पास इसके खिलाफ शिकायत करने का पूर्ण अधिकार है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है.

(4) शिकायतें निपटाने का अधिकार: यदि आप किसी उत्पाद से असंतुष्ट हैं तो आपके पास उसे प्रतिस्थापित कर उसमें निवेश की गई राशि वापस प्राप्त करने का अधिकार है.

(4) उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार : अंत में आपके पास एक और महत्वपूर्ण अधिकार सभी सूचनाओं को जानने समझने का अधिकार है. उपभोक्ता हित से जुड़े बातों और वस्तुओं की जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है.

उपभोक्ताओं के कर्तव्य

अब तक आपने उपभोक्ताओं के अधिकार क्या – क्या हैं समझ चुके हैं किन्तु इनके कुछ कर्तव्य भी हैं जिन्हे पुरे किये जाने चाहिए. – आपको एक ग्राहक के तौर पर क्या करना चाहिए चलिए जानते हैं –

  • ख़रीदे जा रहे सामान की गुणवत्ता अवश्य देखें
  • ख़रीदे गए सामान व सेवा की रसीद जरूर प्राप्त करें
  • विक्रेता द्वारा ठगे जाने पर अपने अधिकारों का प्रयोग करें
  • अपने उपभोक्ता सम्बन्धी अधिकारों के बारे में जानकारी रखें और दूसरों को भी जागरूक करें
  • ठगी का शिकार होने पर आवाज उठायें ताकि इसका सकारात्मक प्रभाव समाज पर पड़े
  • आपके जागरूक होने पर व्यापारी वर्ग पारदर्शिता के साथ काम करेंगे

इस लेख (Consumer Awareness in Hindi) को मैं यहीं पर समाप्त कर रहा हूँ और उम्मीद करता हूँ कि आपको यह लेख जरूर पसंद आयी होगी. इस विषय पर यदि आप कुछ कहना चाहते हैं तो आप हमारे कमेंट बॉक्स का उपयोग करके अपना विचार हमारे साथ शेयर कर सकते हैं.

Lal Anant Nath Shahdeo

मैं इस हिंदी ब्लॉग का संस्थापक हूँ जहाँ मैं नियमित रूप से अपने पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करता हूँ. मैं अपनी शिक्षा की बात करूँ तो मैंने Accounts Hons. (B.Com) किया हुआ है और मैं पेशे से एक Accountant भी रहा हूँ.

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4 thoughts on “Consumer Awareness in Hindi : उपभोक्ता जागरूकता क्यों आवश्यक है?

  1. Sir interest expense hai wo operating kyo nhi hota wo bhi to business ko chalane ke liye hi loan liya usi par to interest dete hai to wo operating expenses kyo nhi hai….non operating expenses kyo hai

    1. Financing activities की पूर्ति हेतु आप बैंक से लोन लेते हैं और जो लोन लिया है उसके लिए ब्याज भी देना होगा. यहाँ पर आप देख सकते हैं कि interest लोन से सम्बंधित है.

  2. Sir goods destroy by fire …ye operating expenses hai ya non operating expenses hai ya phir sir extraordinary….pls tell me sir

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