Digital Signature क्या है? डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कहाँ किया जाता है

आज हम जिस दौर में जी रहे हैं वहां सब कुछ डिजिटल होता जा रहा है. इस डिजिटल दौर में लोगों द्वारा कागज़ी कार्यवाही बहुत ही कम किया जा रहा है. पहले की अपेक्षा आज दुनिया तेज हो गयी है इसलिए जरुरत है हर छोटे बड़े विभाग को डिजिटल रूप देकर उसकी गति प्रदान किया जाये.

विश्व समुदाय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने हेतु अपनी अर्थव्यवस्था को डिजिटल रूप देना आज की एक महत्वपूर्ण जरुरत है. इसके लिए भारत सरकार की ओर से चलाये जा रहे डिजिटल इंडिया कार्यक्रम वास्तव में एक साकारात्मक पहल है. इस तेजी से भाग रही दुनिया का पीछा करने के लिए हमारे पास डिजिटल शक्ति चाहिए तभी हम उसका पीछा करने में समर्थ हो पायेंगे.

आप लोग इस बात से भलीभांति परिचित होंगे कि लोगों को कई जरुरी दस्तावेज में signature (हस्ताक्षर) करने की आवश्यकता होती है. हम अपनी पहचान प्रमाणित करने के लिए या सत्यता की पुष्टि हेतु हस्ताक्षर करते हैं. हस्ताक्षर के द्वारा हम सम्बंधित दस्तावेज या कार्य के प्रति अपनी सहमति दर्ज कराते हैं, जिससे हमारा कार्य हो जाता है. जिस प्रकार कागज के दस्तावेजों पर व्यक्ति manually signature करता है उसी प्रकार अब जबकि कई certificates इलेक्ट्रॉनिक रूप ले चुके हैं तो इसमें signature भी Digitally किये जा रहे हैं और यह पूरी तरह से वैध है.

Signature से तो आप भलीभांति परिचित हैं किन्तु क्या आप जानते हैं कि Digital Signature क्या होता है? आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में ही पूरी जानकारी प्रदान करेंगे इसलिए यदि आप इसके बारे में समझना चाहते हैं तो अंत तक इस लेख के साथ बने रहिये.

चलिए विस्तारपूर्वक समझते हैं कि – Digital Signature क्या है? डिजिटल सिग्नेचर में कौन – कौन सी जानकारी होती है? डिजिटल सिग्नेचर किसके द्वारा जारी किया जाता है? डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कहाँ किया जाता है? डिजिटल सिग्नेचर के प्रकार (Classes of Digital Signature), डिजिटल सिग्नेचर कैसे प्राप्त करें? डिजिटल सिग्नेचर किसके लिए जरुरी है?

Digital Signature क्या है? What is digital signature in Hindi

साधारण शब्दों में यदि कहा जाये तो – Digital Signature वह हस्ताक्षर है जो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किया जाता है. इसका प्रयोग अधिकृत व्यक्ति द्वारा ही किया जा सकता है. आप कह सकते हैं कि जैसे कागजी दस्तावेजों पर कलम से हस्ताक्षर किये जाते हैं उसी का डिजिटल सिग्नेचर आधुनिक विकल्प है. आज के समय में Digital Signature या DSC कई सरकारी एजेंसियों द्वारा अपनाया जा रहा है.

जिस प्रकार हम भौतिक दस्तावेज में मैन्युअल रूप से हस्ताक्षर करते हैं उसीप्रकार इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने की जरुरत होती है और इसके लिए हम Digital Signature Certificate (डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र) का उपयोग करते हैं. आप कह सकते हैं कि जैसे हम भौतिक हस्ताक्षर करते हैं उसी का यह इलेक्ट्रॉनिक रूप है.

आज के समय में लगभग प्रत्येक व्यवसाय के लिए Digital Signature जरुरी है ताकि कई ऐसे ऑनलाइन कार्य होते हैं जिसे परिणाम तक पहुंचाने के लिए इसकी आवश्यकता होती है.

Digital Signature या DSC के जरिये इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को प्रमाणित किया जाता है. यह वह तरीका है जिससे हमारी दस्तावेजों की सुरक्षा और प्रमाणिकता सुनिश्चित होता है. यह पूरी तरह क़ानूनी रूप से मान्य है. DSC में Advanced mathematical तकनीक का उपयोग किया जाता है. यह विशेष कम्प्युटर अल्गोरिथम पर कार्य करता है. इसकी गोपनीय कोड की जानकारी केवल उपयोगकर्ता को होती है. इसके गोपनीय कोड की सहायता से डिजिटल हस्ताक्षर किये जा सकते हैं. अन्य व्यक्ति आपके डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग नहीं कर सकता है क्योंकि उसके पास इसका कोड नहीं होता है.

डिजिटल सिग्नेचर में कौन – कौन सी जानकारी होती है?

एक डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (DSC) में उपयोगकर्ता की निम्न जानकारी उपलब्ध रहती है –

  • नाम
  • पता (निवास का पता, पिनकोड, राज्य देश)
  • ईमेल एड्रेस
  • जन्म तिथि
  • प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख
  • इस सेवा को प्रदान करनेवाली संस्था की जानकारी

डिजिटल सिग्नेचर किसके द्वारा जारी किया जाता है?

Certifying Authority (CA) Digital Signature Certificate (डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र) जारी कर सकता है. इसके लिए उसके पास लाइसेंस होता है. Digital Signature Certificate जारी करने के लिए किसी व्यक्ति/संस्था के पास भारतीय आईटी-अधिनियम 2000 की धारा 24 के तहत लाइसेंस प्राप्त होना चाहिए. अतः आप किसी Certifying Authority (CA) द्वारा इस सर्टिफिकेट को प्राप्त कर सकते हैं.

डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कहाँ किया जाता है?

आप निम्न कार्यों को करने के लिए डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कर सकते हैं –

  • GST (जीएसटी)
  • ई – टेंडरिंग (ई – निविदा भरने के लिए)
  • Income Tax e-filing
  • MCA e-Filing
  • EPFO फाइलिंग/रजिस्ट्रेशन के लिए
  • कई प्रकार के डॉक्युमेंट्स जैसे एम.एस एक्सेल/वर्ड, पीडीएफ साइन करने के लिए  
  • कंपनी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया हेतु
  • और भी कई ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए

डिजिटल सिग्नेचर के प्रकार (Classes of Digital Signature)

आमतौर पर भारत में डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट्स Class 1, Class 2 और Class 3 जैसे तीन अलग – अलग वर्गों में जारी किये जाते हैं. ये तीनों वर्गों के DSCs अलग – अलग उदेश्यों से जारी किये जाते हैं अर्थात इनका वर्गीकरण उपयोगिता के आधार पर किया जाता है और प्रत्येक की अपनी सुरक्षा का स्तर होता है.

डिजिटल सिग्नेचर कैसे प्राप्त करें?

जैसा की आप समझ चुके हैं कि किसी Certifying Authority (CA) DSC जारी कर सकता है, जो एक व्यक्ति या कंपनी हो सकता है. ऐसे किसी भी लाइसेंस प्रमाणित करने वाली एजेंसियों से अथवा इन एजेंसियों से लाइसेंस प्राप्त registration authority से भी आप DSC प्राप्त कर सकते हैं. ज्ञात हो कि आजकल कई महत्वपूर्ण कार्य ऑनलाइन किये जा रहे हैं और ऐसे कार्यों के लिए कंपनी के authorized व्यक्ति को DSC की जरुरत पड़ सकती है.

DSC सिग्नेचर प्राप्त करने के लिए आप ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. ऐसे कई लाइसेंस प्राप्त certifying authorities हैं जैसे e-mudra, NSDL, Capricorn CA आदि के वेबसाइट में जाकर DSC के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. जब कोई व्यक्ति DSC प्राप्त करने के लिए आवेदन करता है तो आवेदन करने के पश्चात तीन से चार दिनों तक का समय लग सकता है.

डिजिटल सिग्नेचर किसके लिए जरुरी है?

पहले जहाँ DSC अधिकतर बड़े संगठनों के पास हुआ करता था वहीँ अब इस बढ़ते डिजिटलाइजेशन के दौर में इसकी आवश्यकता सभी छोटे बड़े व्यवसाय, सेवा प्रदाता को होती है. अभी के दौर में यदि देखा जाये व्यक्तिगत रूप से भी कई व्यक्तियों को इसकी अनिवार्यता महसूस होती है. यह प्रमाणीकरण का सरल और सुरक्षित तरीका है जिससे ऑनलाइन हस्ताक्षर करने की सुविधा प्राप्त होती है. सच कहा जाये तो डिजिटल क्रांति में इसका अहम् योगदान है जिसकी पहल भारत सरकार की ओर से की गयी है.

कई ऐसे सरकारी और गैर सरकारी कार्य हैं जो लगातार ऑनलाइन होते जा रहे हैं और इन ऑनलाइन कार्यों को परिणाम तक पहुँचाने के लिए सम्बंधित विभाग के Authorized Person को डिजिटल सिग्नेचर की जरुरत होती है. ऑनलाइन लेनदेन करने के लिए यह high level security प्रदान करता है. कई ऑनलाइन कार्यों को करने के लिए इसका उपयोग पहचान के तौर पर किया जा सकता है क्योंकि यह किसी कंपनी/व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक रूप से पहचान कराने में सक्षम है.

अंत में एक और महत्वपूर्ण बात आपको समझ लेना चाहिए कि यदि कोई डॉक्यूमेंट एक बार digitally sign हो गया तो उसमें परिवर्तन या छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है. जिन लोगों के पास डिजिटल सिग्नेचर होता है ऐसे लोग यदि इसका उपयोग करके कोई डाक्यूमेंट्स send करते हैं तो उसकी प्रमाणिकता बनी रहती है.

Lal Anant Nath Shahdeo

मैं इस हिंदी ब्लॉग का संस्थापक हूँ जहाँ मैं नियमित रूप से अपने पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करता हूँ. मैं अपनी शिक्षा की बात करूँ तो मैंने Accounts Hons. (B.Com) किया हुआ है और मैं पेशे से एक Accountant भी रहा हूँ.

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1 thought on “Digital Signature क्या है? डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कहाँ किया जाता है”

  1. Thanks for the valuable post. This Write-up is informative and helpful. I’d Like to bring this under everyone’s notice that Capricorn CA is India’s preferred Certifying Authority to issue Digital Signature and it is registered under CCA.

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