geology kya hai

Geology क्या है? भूवैज्ञानिक (Geologist) के रूप में कैरियर कैसे बनायें

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आज मैं आपको एक दिलचस्प कैरियर विकल्प के बारे में बताने जा रहा हूँ और यदि आप पृथ्वी से जुड़े रहष्यों में दिलचस्पी रखते हैं और इस क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते हैं तो आज का लेख आपके लिए महत्वपूर्ण है.

मैं बात कर रहा हूँ Geology की जहाँ आपको मौका मिलता है पृथ्वी से जुड़े रहष्यों को सुलझाने की, कई प्रकार के खोजबीन करने की और इसतरह से आप एक Geologist के रूप में अपना कैरियर बना सकते हैं.

आपके मन में भी कई सवाल आते होंगे जैसे Geology क्या है?, ये किसप्रकार के काम करते हैं? Geologist कैसे बनें? आदि प्रश्नों का जवाब यदि चाहते हैं तो इस article को अंत तक जरुर पढ़ें.

Geology क्या है?

सरल भाषा में इसको परिभाषित किया जाये तो पृथ्वी के अध्ययन को “Geology” कहते हैं जहाँ Geo का मतलब पृथ्वी होता है और Ology का मतलब अध्ययन होता है इसतरह से Geology का सम्पूर्ण अर्थ हो गया – पृथ्वी का अध्ययन.

हिंदी भाषा में इसे ‘भूविज्ञान’ कहा जाता है. Geology के अध्ययन में शामिल है –

  • पृथ्वी को बनानेवाली सामग्रियों का अध्ययन
  • जीवन के इतिहास के अध्ययन करना
  • समय के साथ हमारे ग्रह में क्या बदलाव हुए
  • पृथ्वी को निर्माण करनेवाली शैलों का अध्ययन
  • खनिज शास्त्र (बहुमूल्य खनिजों के बारे में जानकारी प्राप्त करना)
  • खनन
  • भूमापन

भूवैज्ञानिक (Geologist) के रूप में कैरियर

हम सभी को ज्ञात है कि पृथ्वी के अन्दर कई तरह के खनिज, रत्न आदि छिपे हुए हैं. इंसान शुरू से ही पृथ्वी के अन्दर छिपे इन रहष्यों को जानने -समझने के लिए उत्सुक रहा है. किन्तु इन रहष्यों को जानना इतना आसान नहीं है, एक कठिन कार्य है.

Geology (भूगर्भविज्ञान) इसी विषय पर आधारित है जिसकी गहन अध्ययन करने के पश्चात पृथ्वी के रहष्यों की जानकारी प्राप्त की जाती है. एक geologist का कार्य पृथ्वी से जुड़े रहष्यों को सुलझाना, कई तरह की खोज करना तथा बहुमुल्यों खनिजों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करना होता है.

India में ऐसे कई universities और Institution हैं जो geology में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान करते हैं जैसे :

  • Indian Institute of Technology, Kharagpur
  • Banaras Hindu University
  • Indian Institute of Technology, Bhubaneswar
  • Delhi University
  • Aligarh Muslim University आदि

भूविज्ञान (Geology) के पाठ्यक्रम

  • Bachelor in Geology
  • Master in Geology
  • Ph.D in Geology

एक geologist निम्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर सकता है :

  • Economic geologist
  • Environmental geologist
  • Geochemistry
  • Geo morphology
  • Engineering geologist
  • Atmospheric Scientist
  • Mineralogy
  • Volcanology आदि

Geologist कैसे बनें

एक geologist बनने के लिए आपको किसी भी स्ट्रीम से अपनी 10 + 2 परीक्षा पूरी करनी होगी. कुछ विश्वविद्यालयों के द्वारा प्रवेश परीक्षा भी आयोजित की जाती है. और यदि आप किसी सरकारी कॉलेज में प्रवेश करने के इच्छुक हैं तो आपको GATE EXAM जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में शामिल होना होगा.

केंद्र सरकार की एजेंसियों के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) भूवैज्ञानिक परीक्षा का आयोजन करता है.

Geologist skills

एक सफल भूविज्ञानी बनने के लिए सिर्फ शैक्षणिक योग्यता ही काफी नहीं होती है इसके साथ – साथ आपमें कुछ खास गुणों का होना आवश्यक है जैसे सबसे ख़ास आपमें observation skills होना चाहिए, आपको एक अच्छा विश्लेषक होना होगा. आपके द्वारा एकत्रित किये गये डाटा और आपके द्वारा किया गया विश्लेषण एकदम सटीक होना चाहिए.

कहाँ कर सकते हैं नौकरी

जब आप geologist की डिग्री हासिल कर लेते हैं तो आपके सामने नौकरी के लिए कई संभावनाएं खुल जाती है जैसे – भूवैज्ञानिक खनन, तेल और गैस, खनिज और जल संसाधनों से संबंधित उद्योगों में कार्य कर सकते हैं. भू-वैज्ञानिक सलाहकार के रूप में भी नौकरी हासिल की जा सकती है. आप के शिक्षक के रूप में भी काम कर सकते हैं. कई ऐसे निजी कम्पनियाँ भी हैं जो प्राकृतिक तेल और खनिज के क्षेत्र में व्यापार करते हैं वहां भी आपको एक geologist के रूप में नौकरी मिल सकती है.

कुछ शीर्ष Recruiters निम्न हैं जहाँ आपको एक geologist के रूप में मौका मिल सकता है :

  • कोल इंडिया
  • हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड
  • तेल और प्राकृतिक गैस आयोग (ONGC)
  • मिनरल एक्सप्लोरेशन लिमिटेड
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)
  • भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL)
  • भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) आदि

अन्य महत्वपूर्ण बात

वर्तमान समय में जियोलॉजी की commercial importance काफी बढ़ गया है और इसका महत्वपूर्ण कारण है खनिजों तथा हाइड्रोकार्बनस की खोज होना. इसके अध्ययन से हमें पृथ्वी के अतीत का भी पता चलता है. यह हमारे जीवन के लिए काफी महत्वपूर्ण विषय है. आज मानव के सामने जल संकट एक महासंकट के रूप में उभर रहा है. ऐसी स्तिथि में जियोलॉजी का अध्ययन हमें जल संसाधनों का मूल्यांकन करने में मददगार है.

इन सभी के आलावा जियोलॉजी का अध्ययन के और भी महत्व हैं जैसे प्राकृतिक आपदाओं को समझने में, पर्यावरण को समझने में मददगार, भूतकनीकी इंजीनियरी में अहम् भूमिका आदि.

Lal Anant Nath Shahdeo

मैं इस हिंदी ब्लॉग का संस्थापक हूँ जहाँ मैं नियमित रूप से अपने पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करता हूँ. मैं अपनी शिक्षा की बात करूँ तो मैंने Accounts Hons. (B.Com) किया हुआ है और मैं पेशे से एक Accountant भी रहा हूँ.

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