Hindi Muhavre और लोकोक्तियाँ – अर्थ सहित जानिये हिंदी मुहावरे

हम कई बार जाने – अनजाने मुहावरों, लोकोक्तियों का उपयोग हम अपनी भाषा में करते हैं. आमतौर पर बहुत से लोगों की सोंच है कि मुहावरे और लोकोक्तियाँ एक है किन्तु पारिभाषिक रूप से देखें तो दोनों के बीच कुछ भिन्नताएं हैं. आईये देखते हैं दोनों के बीच क्या अंतर है.

मुहावरा और लोकोक्ति में अंतर (Hindi muhavre)

मुहावरा का अर्थ होता है वह वाक्यांश जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर किसी विशेष अर्थ का हमें बोध कराये. वैसे तो मुहावरा संक्षिप्त होता है किन्तु इसका अर्थ गंभीर और व्यापक होता है.

इसके द्वारा किसी बड़े विचार को प्रकट किया जा सकता है. इसके प्रयोग से हमारी भाषा अधिक प्रभावपूर्ण हो जाती है. हम कम से कम शब्दों में मुहावरा का प्रयोग करके अपने भावों को स्पष्ट कर सकते हैं. 

अब बात करते हैं लोकोक्ति की, इसका अर्थ होता है वह उक्ति जो लोक में दीर्घकाल से प्रचलित है अर्थात दीर्घकाल से लोक में प्रचलित उक्ति. जैसे इन उक्तियों का प्रयोग कोई विद्वान् व्यक्ति सारगर्भित रूप से कोई बात कहने के लिए करता है. वास्तव में मुहावरा पूर्ण वाक्य न होकर वाक्यांश होता है जबकि लोकोक्तियाँ पूर्ण वाक्य के रूप में प्रयुक्त होती है जैसे अंधे की लकड़ी मुहावरा हुआ और आँख का अँधा नाम नयन सुख लोकोक्ति हुआ. 

चलिए अर्थ सहित जानते हैं कुछ प्रसिद्द हिंदी मुहावरे और लोकोक्तियाँ 

हिंदी मुहावरे और लोकोक्तियाँ 

(1) अक्ल का दुश्मन (इसका अर्थ होता है मुर्ख) 

(2) अंगूठा चूसना (खुशामद करना)

(3) अपने मुँह मियां मिट्ठू बनना (अपनी बड़ाई खुद करना)

(4) अपना उल्लू सीधा करना (अपना काम निकालना)

(5) अंधों में काना राजा (मूर्खों के बीच थोडा होशियार आदमी)

(6) अब पछताये होत क्या जब चिड़िया चुग गयी खेत (समय पर काम न करना और काम नष्ट हो जाने के बाद पछताना)

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(7) हाथ पसारना (माँगना)

(8) हाथ साफ़ करना (चोरी कर लेना)

(9) हाथ – पाँव मारना (अत्यधिक प्रयास करना)

(10) हवा से बातें करना (बहुत तेज चलना)

“आये थे हरिभजन को ओटन लगे कपास” 

(जिस काम के लिए आये थे उस काम को छोड़कर व्यर्थ के काम में लग जाना)

(12) हाथ मलना (पछताना)

(13) सर पीटना (पछताना)

(14) दांतों तले ऊँगली दबाना (चकित होना)

(15) दुम दबाकर भाग जाना (डरकर भागना)

(16) दो कौड़ी का आदमी (नालायक आदमी)

(17) दाल – भात में मूसलचंद (बिना अधिकार के हस्तक्षेप करना)

(18) तिल का ताड़ करना (बढ़ा – चढ़ा कर बोलना)

(19) दूज का चाँद होना (कम दिखाई देना)

(20) दो दिन का मेहमान (मृत्यु के निकट पहुंचा हुआ व्यक्ति) 

“जाको राखे साइयाँ मार सके न कोय ” 

(जिसकी रक्षा ईश्वर करते हैं उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है)

(21) जैसी करनी वैसी भरनी (किये कर्म का फल भोगना)

(22) काठ की हांडी बार – बार नहीं चढ़ती (किसी को बारबार धोखा नहीं दिया जा सकता)

(23) आँख मारना (इशारा करना)

(24) आग बबूला होना (बहुत क्रोधित होना)

(25) आँखों में बसना (दिल में बसना)

(26) आँखे दिखाना (डराना)

(27) कमर कसना (तैयार होना)

(28) कलेजे पर सांप लोटना (ईर्ष्या करना)

(29) आवाज उठाना (विरोध करना)

(30) गर्दन पर सवार होना (पीछा न छोड़ना)

“काला अक्षर भैंस बराबर” 

(अनपढ़)

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Lal Anant Nath Shahdeo

मैं Lal Anant Nath Shahdeo इस हिंदी ब्लॉग का founder हूँ. यह ब्लॉग बनाने का मेरा उद्देश्य हिंदी पाठकों तक हिंदी भाषा में महत्वपूर्ण जानकारी पहुँचाना है.

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