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New Income Tax Slabs 2020 : जानिये इनकम टैक्स की दरों में क्या बदलाव हुए हैं.

Finance Interesting Story

By Lal Anant Nath Shahdeo 

Hello friends, क्या आपको पता है कि सरकार ने नए income tax slab की घोषणा कर चुकी है? जी हाँ दोस्तों! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा इस नयी व्यवस्था का ऐलान कर दिया गया है. यदि आप इस बात से अवगत नहीं हैं तो विस्तारपूर्वक जानिये कि budget 2020-21 में क्या बड़े बदलाव हुए हैं. Individual taxpayer पर हुए इस बदलाव का कैसा असर पड़ेगा? 

 वित्तमंत्री द्वारा वित्त – वर्ष 2020-21 का budget पेश कर दिया गया साथ ही साथ इसबार का tax slab में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं. नए टैक्स स्लैब का ऐलान होते ही शुरू में लोग खुश नज़र आये किन्तु जब कुछ बातें जब सामने आई तो लोगों के बिच confusion बढ़ गया. वे अच्छी तरह समझ नहीं पा रहे हैं कि इसका मतलब क्या है?

Confusion इसलिए भी हुआ है क्योंकि इसबार जो tax slab में बदलाव हुए हैं वह वैकल्पिक है. अब taxpayer के सामने दो विकल्प मौजूद हैं. Income tax के दरों में बड़े बदलाव होने के साथ – साथ खबर ये भी है कि इसबार माध्यम वर्गों को बड़ी राहत दी गयी है.

खैर जो भी हो, चलिए विस्तारपूर्वक समझते हैं कि इसबार के बजट में क्या बड़े बदलाव हुए हैं? पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद आप खुद ही निर्णय कर पायेंगे कि किसे राहत मिली है और किसके ऊपर बोझ बढ़ी है.

क्या है नया income tax स्लैब सिस्टम 

जैसा कि मैंने बताया है इसबार जो tax slab में बदलाव हुए हैं वह वैकल्पिक है इस बात को आपको ध्यान रखना होगा. कहते हैं न कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है ठीक यही बात इसबार के tax slab में हुए बदलाव पर सटीक बैठती है.

यदि आप नयी दरों का फ़ायदा लेना चाहते हैं तो आपको किसी प्रकार के deduction और tax छूट का फ़ायदा नहीं मिलेगा जो आपको पहले मिलता था.

चूँकि आपके सामने विकल्प है इसीलिए आप चाहें तो tax की पुरानी व्यवस्था में बने रहकर deduction और tax छूट का फ़ायदा प्राप्त कर सकते हैं. 

नयी tax व्यवस्था के अनुसार 2.5 लाख तक की आय पर आपको किसीप्रकार का टैक्स नहीं देना होगा. हालाँकि 5 लाख रूपये से ज्यादा की आय पर टैक्स की दरें कम रखी गयी है किन्तु deduction का benefit छीन लिए गये हैं.

Highlights on new income tax slab

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया गया जिसमे income tax की दरों में बड़े बदलाव देखने को मिले.

Taxpayer के सामने दो विकल्प रखे गये हैं : (a) आप चाहें तो पुरानी कर व्यवस्था में बने रह सकते हैं या (b) नयी कर व्यवस्था का विकल्प चुन सकते हैं.

नयी कर व्यस्था में आपको किसी प्रकार का deduction का लाभ प्राप्त नहीं होगा. यह व्यवस्था तभी लागू हो सकती है जब आप दुसरे छूट का लाभ छोड़ेंगे. 

यदि आप deduction का लाभ चाहते हैं तो पुरानी कर व्यवस्था के तहत tax pay कर सकते हैं. 

वित्तमंत्री के अनुसार tax system को आसान बनाने के लिए 100 से अधिक deduction और छूट में से करीब 70 इनकम टैक्स deduction और छूट को समाप्त कर दिया गया है. 

एक नज़र नई कर व्यवस्था पर 

आय (रुपयों में)टैक्स की पुरानी दरें टैक्स की नयी दरें 
0 से २.5 लाख छूट  छूट
२.5 से 5 लाख  5% 5%
5 से 7.5 लाख 20%10%
7.5 से 10 लाख20%15%
10 से 12.5 लाख30%20%
12.5 से 15 लाख30%25%
15 लाख से ऊपर 30%30%

हमारा अंतिम शब्द : निष्कर्ष 

हम सभी जानते हैं कि भारत में रहनेवाला प्रत्येक व्यक्ति जो नौकरी, व्यवसाय या अन्य किसी profession से जुड़कर income करते हैं उन्हें आयकर देना पड़ता है. जैसा की हम ऊपर के स्लैब में देख पा रहे हैं 0 से २.5 लाख रूपये के आय तक छूट प्राप्त है.

यदि आपका आय 2.5 लाख रूपये से अधिक है तो वह income टैक्स छूट की सीमा से ज्यादा है जिसपर आपको टैक्स देना होगा.  

आपके लिए यह जानना बहुत जरुरी है कि सालाना कितनी income पर सरकार को कितना टैक्स देना होता है. यह जानकारी आपको ITR (Income tax return) भरने में मदद करेगी. 

इसबार की नई कर व्यवस्था पर यदि विश्लेषण किया जाये तो पता चलता है कि पुरानी दर उन लोगों के लिए लाभदायक होगा जो निवेशक  (Income tax की धारा 80C के अंतर्गत छोटी बचत योजनाओं में निवेश की गयी राशि पर छूट दी जाती है) कर बचाने के लिए निवेश करते हैं. 

और यदि आप home loan भर रहे हैं और ब्याज पर मिलने वाली छूट लेना चाहते हैं तो आपको पुरानी दरों के हिसाब से ही tax pay करना बेहतर होगा. 

हालाँकि दो विकल्प है आपके सामने आप अपनी सुविधानुसार विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं. आप नए स्लैब के साथ जाना चाहते हैं तो आपको इसमें प्राप्त होनेवाले लाभ प्राप्त करने के लिए पुराने नियम के तहत मिलनेवाले छूट को छोड़ना पड़ेगा. 

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Lal Anant Nath Shahdeo

मैं इस हिंदी ब्लॉग का संस्थापक हूँ जहाँ मैं नियमित रूप से अपने पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करता हूँ. मैं अपनी शिक्षा की बात करूँ तो मैंने Accounts Hons. (B.Com) किया हुआ है और मैं पेशे से एक Accountant भी रहा हूँ.

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