kisan vikas patra yojna kya hai

Kisan Vikas Patra (KVP) : जानिए पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम क्या है?

Banking Interesting Story

क्या आप जानते हैं कि किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra, KVP) क्या है? यह post office की एक बेहद ही लोकप्रिय योजना है जो आपको देती है निवेश को दोगुना करने की गारंटी. वास्तव में यह भारतीय डाकघर की एक प्रमाण पत्र योजना है जहाँ आप एक बार निवेश करके निश्चित अवधि के बाद अपने निवेश को दोगुना कर सकते हैं.

India Post द्वारा किसान विकास पत्र  वर्ष 1988 में एक छोटी बचत प्रमाणपत्र योजना के रूप में प्रारंभ की गयी थी. बीच में किसी कारणवश इस योजना को बंद कर दिया गया था जिसे पुनः वर्ष 2014 में नयी सरकार द्वारा शुरू किया गया. 

किसान विकास पत्र में निवेश की सबसे ख़ास बात यह होती है कि अर्थव्यवस्थाओं पर संकट काल के दौरान भी आपको guaranteed रिटर्न मिलता है. यह एक लोकप्रिय small saving scheme है.

निवेश के लिए न्यूनतम राशि

किसान विकास पत्र में निवेश के लिए minimum राशि 1000 रुपया है अधिकतम (maximum) निवेश के लिए कोई सीमा नहीं है. 

50,000 रुपये से अधिक निवेश करने पर PAN Card का होना अनिवार्य है.

10 लाख रुपये या इससे अधिक राशि जमा करने पर आपको income proof जैसे bank statement, salary slip, ITR आदि submit करना आवश्यक है. 

Post office वेबसाइट के अनुसार 01.04.2020 से, ब्याज दरें 6.9 % वार्षिक है. (हर तिमाही इसकी ब्याज दरें बदलती रहती है)

इस तिमाही (1 April 2020 से 30 June 2020) के बीच यदि आप किसान विकास पत्र खरीदते हैं तो आपको 124 महीने (10 वर्ष 4 माह) के आखिर में दोगुनी राशि प्राप्त कर सकते हैं.

See Also : Post Office Saving Schemes Interest rate in Hindi : डाकघर बचत योजनाओं पर ब्याज दर

किसान विकास पत्र कौन खरीद सकता है

किसी भी पोस्ट ऑफिस से कोई भी एक व्यस्क अपने लिए किसान विकास पत्र खरीद सकता है,

संयुक्त खाता अधिकतम तीन व्यस्क मिलकर खरीद सकते हैं,

नाबालिक जिसकी उम्र 10 वर्ष से ज्यादा हो खरीद सकता है,

कोई व्यस्क नाबालिक की ओर से खरीद सकता है,

तथा अभिभावक कमजोर mind वाले व्यक्ति की ओर से खरीद सकता है. 

यह योजना HUF या NRI के लिए नहीं है. 

अन्य महत्वपूर्ण बात 

हालाँकि किसान विकास पत्र की फिलहाल ब्याज दर घटा दी गयी है फिर भी जो लोग सुरक्षित निवेश करने की सोंच रहे हैं उनके लिए यहाँ मेच्योरिटी पर रिटर्न की गारंटी है. हम सभी जानते हैं कि कोरोना वायरस महामारी के कारण अभी आर्थिक सुस्ती का दौर चल रहा है. पैसे  दुगने करने वाली इस स्कीम में पहले 113 महीने लगते थे वही अब इसके लिए 124 महीने लगेंगे.

किसान विकास पत्र से जुडी अन्य महत्वपूर्ण बात यह है कि इस प्रमाणपत्र को एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति और एक डाकघर से दुसरे डाकघर में भी transfer किया जा सकता है.

Lal Anant Nath Shahdeo

मैं इस हिंदी ब्लॉग का संस्थापक हूँ जहाँ मैं नियमित रूप से अपने पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करता हूँ. मैं अपनी शिक्षा की बात करूँ तो मैंने Accounts Hons. (B.Com) किया हुआ है और मैं पेशे से एक Accountant भी रहा हूँ.

https://www.aryavartatalk.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *