Net Asset Value क्या है? Mutual Fund में निवेश करते हैं तो NAV के बारे में जानिये.

अक्सर, जब हम mutual funds की बात करते हैं तो NAV के बारे में सुनते हैं लेकिन हम में से कई लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें ये पता नहीं होता है कि – NAV क्या है? उन्हें NAV का मतलब समझ में नहीं आता है.

जो लोग mutual fund में निवेश करते हैं ऐसे लोगों के लिए ये समझना और भी जरुरी है कि – NAV क्या है? यदि आप इस topic को बारीकी से समझ गये तो आप आसानी से mutual fund में निवेश की गयी रकम की गणना कर पाएंगे, क्योंकि यह निवेश से सम्बंधित गणना है जिसका आशय निवेश के market value से है. 

प्रत्येक व्यक्ति जो निवेश करता है, वह अपना लाभ – हानि के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहता है. चलिए, सरल शब्दों में आज मैं आपको बताऊंगा कि NAV क्या है और किसी mutual fund में इसका क्या महत्व है.

NAV kya hai?

NAV (Net Asset Value) म्यूचुअल फंड unit का market value (बाज़ार मूल्य) है, अर्थात mutual fund के एक unit का मूल्य. यही वह कीमत है जिसपर आप mutual fund स्कीम की unit खरीदते हैं.

वास्तव में NAV किसी mutual fund यूनिट के growth को दर्शाती है जैसे किसी fund में 10 रुपया प्रति यूनिट की NAV पर निवेश किया गया है और एक वर्ष के बाद उस unit की NAV 20 रुपया प्रति यूनिट हो जाती है तो हम कह सकते हैं कि उस NAV ने शत – प्रतिशत शानदार return दिया. 

NAV की गणना कैसे की जाती है?

NAV (Net Asset Value) जिसका अर्थ  कुल संपत्ति का मूल्य होता है. जिसप्रकार share market में कंपनियों के ownership को shares में बांटा जाता है ठीक उसी प्रकार mutual fund को भी छोटे – छोटे हिस्सों में बांटा जाता है, जिसे unit कहा जाता है. Mutual fund को छोटे -छोटे unit में बांटने का फ़ायदा यही होता है कि इसे आम आदमी भी अपनी स्तिथि के अनुसार निवेश कर सकता है.

किसी भी fund की NAV की गणना प्रत्येक दिन Asset Management Companies द्वारा बाज़ार के बंद हो जाने के बाद की जाती है. चलिए जानते हैं कि इसकी गणना कैसे की जाती है, यह बहुत आसान है –

NAV की गणना : NAV = Assets – Liabilities/Total number of Units

⇒ Assets – Fund में निवेश  किये हुए पैसों का आज का मूल्य (बाज़ार मूल्य)

Liabilities – Fund को चलाने के लिए एक दिन का खर्चा तथा fund manager का एक दिन का salary

⇒ Total number of Units – Units की संख्या 

Per यूनिट NAV की calculation करने के लिए mutual fund के पास जमा राशि सहित portfolio के सभी shares के बाज़ार मूल्य के total में से देनदारियों को घटाने के बाद जो बकाया बचता है उसे units की कूल संख्या से विभाजित किया जाता है. 

Example (उदाहरण)

उदाहरण के लिए मान लेते हैं कि आपने किसी फण्ड में 5 हजार रुपया निवेश किया है और आपने जिस fund में निवेश किया है उस फण्ड की आज का NAV 200 रुपया है. तो आपके पास कितने unit हो गये?

आपके पास – (5000/200) = 25 units हो गये.

अब आगे बढ़ते हैं और मान लेते हैं कि एक वर्ष के बाद आपके द्वारा ख़रीदे गये NAV का मूल्य 200 से बढ़कर 250 रूपये हो गये और आप इसे बेंचने का निर्णय लेते हैं तब क्या परिणाम होगा, आईये देखते हैं-

आपके पास 25 units हैं और बढ़ी हुई NAV 250 रूपये है इसप्रकार आपके पास (25 x 250) = 6250 रूपये हो गये.

अब आगे इसपर एक्जिट लोड भी लगेगा, एक्जिट लोड तब लगता है जब आप स्कीम को बेंचते हैं. इसका अर्थ यह हुआ कि जो बढ़ी हुई fees है वह NAV पर लगेगी जो कुछ प्रतिशत के दर से लगती है, अब आगे देखते हैं कि आपको कितने रूपये मिलेंगे –

मान लेते हैं कि एक्जिट लोड 1% की दर से लागू होता है तो आपको 6187.50 रुपया (25 units x 247.50) मिलेगा अर्थात इसका फॉर्मूला हुआ (25 units X Rs 247.50 NAV minus the exit load).

अंतिम बात 

इस विषय पर आपको ज्यादा कुछ समझने की जरुरत नहीं है केवल साधारण सी बात यह समझना है कि NAV वह मूल्य है जो आप mutual fund scheme के एक unit खरीदने के लिए देते हैं. आप इसे NAV पर ही बेंचते हैं किन्तु एक बात और है कि जब आप बहार निकलते हैं या बेंचते हैं इस दौरान exit load होने पर विक्रय मूल्य NAV से कम हो सकता है. 

एक बात का और आपको ध्यान रखना है कि कभी भी जब आप mutual fund में निवेश करें तो यह याद रखें कि सिर्फ NAV देखकर निवेश न करें इसके साथ – साथ fund के past performance और fund manager के बारे में भी जरुरी जानकारी प्राप्त कर लें. उम्मीद करता हूँ कि आपको NAV kya hai? concept समझ आ गया होगा और यदि इस विषय से सम्बंधित आपके मन में कोई प्रश्न हो तो आप हमें comment कर सकते हैं. 

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