Personal finance in hindi

By : Lal Anant Nath Shahdeo Category : Finance

आज का पोस्ट Personal finance हम सभी के लिए उपयोगी है क्योंकि यह हमारे जीवन से बिल्कुल जुड़ा हुआ विषय है. इसे हम हिंदी भाषा में व्यक्तिगत वित्त कह सकते हैं. प्रत्येक आदमी पैसे कमाता है किन्तु कमाया गया धन का management करने का तरीका हर किसी का अलग – अलग होता है.

Personal finance वित्त प्रबंधन (financial management) करने का एक महत्वपूर्ण विषय है. यह हर किसी के जीवन से सम्बंधित है.  जीवन में सिर्फ धन कमाना ही काफी नहीं होता है बल्कि कमाया गया धन का systematic management भी बहुत जरुरी है. इसी के आधार पर हम भविष्य के जरूरतों को पूरा करने के लिए धन अर्जित कर सकते हैं.

Personal finance in hindi

व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन यानि Personal finance management के तरीके हम सभी को जानना जरुरी है क्योंकि इसी के आधार पर हम समय के साथ – साथ वित्तीय जोखिमों और भविष्य में होनेवाली घटनाओं के लिए बजट बचा सकते हैं. जो लोग पैसे को manage/handle करना जानते हैं कम कमाने के बावजूद ज्यादा कमाने वालों से ज्यादा धन बना लेते हैं.

Definition : Personal finance

पर्सनल फाइनेंस : किसी व्यक्ति के धन से सम्बंधित फैसले लेने को हम उसका पर्सनल फाइनेंस का विषय कहते हैं. यह धन कमाने, उसे खर्च करने, बचत करने और निवेश करने से सम्बंधित विषय है जो यह सिखाती है की धन पर नियंत्रण कैसे रखा जाए ताकि उपलब्ध धन से ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाया जा सके

यह एक ऐसा विषय है जो धन का प्रबंधन करने के तरीके सिखाती है जिससे हम महत्वपूर्ण आर्थिक फैसले ले सकें. प्रत्येक व्यक्ति का धन, आय और उपभोग की जरुरत अलग – अलग होती है, हर – एक की परिस्थितियाँ भिन्न होती है अर्थात एक व्यक्ति के लिए उपयुक्त सलाह दुसरे के लिए उपयुक्त नहीं हो सकती है. मेरा कहने का तात्पर्य यह है की हर किसी का पैसे को manage करने का तरीका अलग – अलग होता है और इसी अलग – अलग तरीकों से पैसे को manage करने के अपने – अपने तरीके को हम पर्सनल फाइनेंस कहते हैं.

Personal finance का क्षेत्र

आज के लेख में मैं आपलोगों को पर्सनल फाइनेंस के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में धयान केन्द्रित करने का प्रयास करूँगा ताकि आपको सारी बातें गहराई से समझ में आ जाये. यदि विषय की व्यापक समझ हो तो उसे अपने निजी जीवन में क्रियान्वन आसानी से कर सकते हैं. पर्सनल फाइनेंस का मुख्य क्षेत्र आय (Income), खर्च (Expenses), बचत (Saving), निवेश (Investment) और सुरक्षा (Protection).

#आय (Income)

Financial planning के लिए आय प्रारंभिक बिंदु है. आय के विभिन्न श्रोतों से cash generate होती है जिसका उपयोग व्यक्ति खर्च, बचत या निवेश करने के लिए करता है. सामान्य रूप से आय के निम्नलिखित श्रोत हैं :

  • Salary
  • Wages
  • Agriculture
  • Pension
  • Dividends
  • Interest
  • Rent
  • Other

#खर्च (Spending)

अधिकांश लोगों का आय का अधिकतम हिस्सा खर्च करने के लिए आवंटित किया जाता है. खर्च में सभी तरह के खर्च जैसे सामान और सेवाओं को खरीदने से सम्बंधित खर्चों को शामिल किया जाता है. खर्च दो तरह से किये जाते हैं नगद और क्रेडिट. खर्च करने के सामान्य श्रोत निम्नलिखित हैं :

  • Education
  • Rent
  • Monthly Expenses
  • Shopping
  • Travel & Entertainment
  • Bill Payment
  • Taxes
  • Other

खर्चों का प्रबंधन करना उतना ही अनिवार्य है जितना पैसे कमाना. यदि आय से व्यय ज्यादा होगा तो हमारे जीवन का आर्थिक संतुलन बिगड़ जाएगा. व्यक्ति को घाटे का सामना करना पड़ेगा. Personal finance management के तहत व्यक्ति को खर्च करने के तरीके महत्वपूर्ण है. हमें आय से अधिक खर्चे पर नियंत्रण करना पड़ता है और यह वित्त प्रबंधन के लिए जरुरी है.

#बचत (Saving)

बचत का अर्थ होता है excess cash (अतिरिक्त नकदी ). यह surplus amount होता है अर्थात व्यक्ति जितना कमाता है और कमाये गये धन को खर्च करने के पश्चात जो राशि शेष बचता है उसे वह विभिन्न तरीकों से बचत करता है. इसे formula में इसप्रकार समझ सकते हैं : Income – Expenditure = Saving (कमाये गये धन को खर्च करने के पश्चात जो अधिशेष बचता है उसे व्यक्ति बचत करने के लिए उपयोग करता है)

Personal finance management के लिए बचत एक महत्वपूर्ण कड़ी है. सामान्य रूप से बचत करने के तरीके निम्नलिखित है :

  • Saving Bank Account
  • Money market Securities
  • Cash
  • Other

बचत करना अच्छा है किन्तु बहुत अधिक बचत करने के अपेक्षा निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होता है. कहने का तात्पर्य यह है की बचत के तुलना में निवेश करने से ज्यादा return प्राप्त होता है.

#निवेश (Investment)

निवेश करने में थोडा जोखिम तो रहता है किन्तु यह भी देखा गया है कि पूरी जानकारी लेकर निवेश करने से अच्छा return प्राप्त होता है. निवेश करने के सामान्य रूप निम्नलिखित है :

  • Mutual fund
  • Real estate
  • Stock Market
  • Private companies
  • Commodities
  • Others

#सुरक्षा (Protection)

लोगों के द्वारा किसी अप्रत्याशित और प्रतिकूल घटना के खिलाफ सुरक्षा के लिहाज व्यक्तिगत सुरक्षा का उपयोग किया जा सकता है. सामान्य protection products में निम्नलिखित उत्पाद शामिल किया जा सकता है.

  • Health Insurance
  • Life Insurance
  • Term Insurance
  • and Estate (जायदाद ) Planning

#Future Planning

Personal finance के अंतर्गत future plan जो कभी न कभी हर कोई करता है जैसे Holiday trip, Retirement, बच्चों की शिक्षा, शादी आदि को शामिल किया जा सकता है. क्योंकि यह भी एक हमारे आर्थिक प्रबंधन का हिस्सा है. फाइनेंस एक बहुत बड़ा विषय है और पर्सनल फाइनेंस इसी का एक हिस्सा है. यदि हम ध्यान से आंकलन करें तो पर्सनल फाइनेंस का भी बहुत बड़ा विस्तार है.

आसान  भाषा में यदि हमें पर्सनल फाइनेंस को समझना हो तो हम कह सकते हैं कि हमारे जीवन में जो भी व्यवहार पैसों से जुड़ा हुआ है उसे हम पर्सनल फाइनेंस से जुड़ा हुआ विषय कह सकते हैं.

Financial Planning के मुख्य घटक

  • लक्ष्य
  • मूल्यांकन
  • योजना
  • क्रियान्वन
  • पुनर्मूल्यांकन और निगरानी

Financial Planning कैसे करें?

व्यक्तिगत और पारिवारिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आपको budget या financial योजना तैयार करना चाहिए, याद रखें ये बहुत जरुरी हिस्सा है. आपके द्वारा तैयार किया गया मासिक budget आपके बचत, खर्चे, निवेश आदि को manage करने के लिए लाभदायक सिद्ध होगा.

आपके द्वारा बनाया गया मासिक budget कैसा होना चाहिए, यह आपको तय करना है. फिर भी मैं कुछ संकेत दे देता हूँ जैसे आपका संभावित आय (वेतन, बोनस और अन्य), इसके बाद खर्चों की सूचि (किराना का सामान, किराया, शिक्षा, मनोरंजन, बच्चों की देखभाल की खर्च, छुट्टियाँ आदि) इन दोनों के बीच का अंतर आपका अधिशेष (Surplus) या घाटा होगा.

Financial planning करने के लिए आप इस क्षेत्र से जुडे हुए लोगों से भी सलाह ले सकते हैं. जैसे कि : व्यक्तिगत बैंक कर्मचारी, बीमा सलाहकार, Tax advisor, Investment advisor, Estate Planner, Financial Planner etc.

Conclusion : अंत में दो बातें पाठकों से

सभी लोगों का विचार पैसों के संबंध में अलग – अलग होता है. ऐसा इसलिए होता हैं क्योंकि  धन एक व्यक्तिगत विषय है और इसके उपयोग में सम्बंधित व्यक्ति का पूर्ण अधिकार होता है. कभी – कभी यह भी देखा जा सकता है कि एक सामान्य सा धन कमानेवाला व्यक्ति एक समय में बहुत धन अर्जन कर लेता है, ऐसा कैसे होता है?

ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि उस सामान्य सा धन कमानेवाला व्यक्ति का personal financial planning सामान्य नहीं होता है, बल्कि उसकी प्लानिंग दमदार होती है. एक बात आपको याद रखना चाहिए कि चाहें आप Financial Planner से सलाह लें, किन्तु आप खुद का खुद ही best पर्सनल एडवाइजर हैं. आप सलाह जिससे चाहें लें, ये जरुरी भी है लेकिन अंत में निर्णय आपको ही लेना है.

एक बेहतर जीवन जीने के लिए पैसों का कितना महत्व है ये बात आप जानते ही हैं. इसीलिए पैसों को हमें विवेकपूर्ण तरीकों से मैनेज करना आना चाहिए. हम पैसों को अच्छे से मैनेज नहीं कर पायें तो कितना भी कमायेंगे हमारा आर्थिक जगत में ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा.

आशा करता हूँ कि आज का पोस्ट पर्सनल फाइनेंस इन हिंदी आपको पसंद आई होगी.

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