Personality Development kaise kare? : व्यक्तित्व विकास करने के लिए उपाय?

By Lal Anant Nath Shahdeo 

Personality यानि हमारा व्यक्तित्व हमारी ज़िन्दगी की सफलता तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ‘विशेष गुण और विशेषताएं’ प्रत्येक व्यक्ति को एक दुसरे से पृथक करती है. प्रत्येक व्यक्ति में कुछ विशेष गुण और विशेषताएं होती है और यही गुण और विशेषताएं तय करती है कि वह व्यक्ति किसी परिस्तिथि में किस प्रकार व्यवहार करता है.

कभी कभी व्यक्ति परिस्तिथिवश खुद को दूसरों से कमतर आंकने लगता है जबकि उसे पता नहीं होता है कि वह जो भी है अपने आप में अनूठा है. इसतरह के लोगों को बस जरुरत है अपनी सोयी हुई आकांक्षाओं को जगाकर खुद का व्यक्तित्व विकास करने का.

यश, प्रतिष्ठा, धन, पद आदि पाकर तो लोग अभिमानरत हो खुद को औरों से भिन्न समझते हैं किन्तु जो व्यक्ति शुन्यता में भी अपने आप  को कभी हिन नहीं समझता है, boldness के साथ संसार का सामना करता है, किसी की आलोचनाओं की परवाह किये बगैर अपने आप में मगन रहता है हमें ऐसे व्यक्तित्व विकास की जरुरत है. 

हमारी सोंच हमारा व्यक्तित्व पर गहरा असर करती है. हमें स्वामी विवेकानन्द जी  का एक महान विचार व्यक्तित्व विकास हेतु अपने जीवन में चरितार्थ करने की जरुरत है जो इसप्रकार है – We are what our thoughts have made us; so take care about what you think. Words are secondary. Thoughts live; they travel far.” अर्थात हम वही हैं जो हमारे विचारों ने हमें बनाया है; इसलिए इस बारे में ध्यान रखें कि आप क्या सोचते हैं. शब्द गौण हैं. विचार हमेशा जिन्दा रहते हैं ; वे दूर तक यात्रा करते हैं.

What is Personality? व्यक्तित्व क्या है?

अपने ख़ास गुणों और विशेषताओं के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति एक दुसरे से भिन्न होता है. व्यक्ति के इन्ही ख़ास गुणों और विशेषताओं का combination ही उसका व्यक्तित्व है. एक लाइन में यदि व्यक्तित्व को परिभाषित किया जाये तो ” किसी व्यक्ति के गुणों का समन्वित रूप ही उसका व्यक्तित्व कहलाता है.”

एक व्यक्ति के व्यक्तित्व में कई घटक शामिल होते हैं जैसे जन्मजात तथा अर्जित स्वभाव, चरित्र, वातावरण आदि. व्यक्तित्व का अर्थ केवल बाहरी शारीरिक रूप – रंग या गठन तक ही सिमित नहीं है. व्यापक दृष्टिकोण से इसका अर्थ देखा जाये तो  इसमें एक व्यक्ति का संपूर्ण व्यवहार सम्मिलित है. व्यक्ति के व्यवहार, विचार, क्रिया, उसकी गतिविधि आदि में उसका व्यक्तित्व का झलक दीखता है.

अनेक विद्वानों ने व्यक्तित्व को अपनी – अपनी  दृष्टिकोण से कई प्रकार से वर्णन किया है. प्रमुख रूप से व्यक्तित्व को परिभाषित करने के लिए जिन दृष्टिकोण को आधार बनाया गया है उनमें शामिल है : मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण, शरीर – रचना दृष्टिकोण, समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण आदि.

Personality Development kaise kare?

आज के लेख में मैं आपको व्यक्तित्व विकास करने के कुछ कारगर tips बताऊंगा जो आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा. चलिए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण tips कि personality development kaise kare?

Tips 1 : सकारात्मक सोंच

सकारात्मक सोंच : इसे मैंने सबसे पहले स्थान पर रखा है क्योंकि यह हर क्षण हमें प्रभावित करती है. सोंच की नजरिया बदलकर हम अपनी जिंदगी बदल सकते हैं. सकारात्मक सोंच हमें कठिन चुनौतियों का सामना करने की शक्ति प्रदान करती है. सकारात्मक सोंच वाले व्यक्ति सदा उर्जावान होते हैं. 

इस बात का सदैव स्मरण रखें कि हम जैसा सोचेंगे वैसा ही पाएंगे. इसके विपरीत नकारात्मक सोंच हमें धीरे – धीरे निराशा की ओर ले जाती है. नकारात्मक सोंच वाले व्यक्ति को दुनिया के हर इंसान में बुराई ही नजर आती है. एक आम आदमी और एक महान आदमी के बीच मुख्य अंतर सिर्फ “सोंच” का ही होता है. 

हमारी सोंच का सीधा असर हमारी कार्यक्षमता पर पड़ता है. जीवन में सकारात्मक प्रभाव पाने के लिए सकारात्मक सोंच बहुत जरुरी है.

Tips 2 : खुद पर विश्वास करें

यदि आप व्यक्तित्व विकास सच में करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको अपने आप पर विश्वास करना सीखना होगा. जब आपको अपने खुद की काबलियत पर शक होगा तो आपही सोंचे कि आप अपने जीवन में क्या कर पायेंगे? सीधा सा जवाब है कुछ नहीं. खुद से कहना सीखें हाँ मैं ये कर सकता हूँ. जटिल से जटिल समस्याओं का सामना करना सीखें और जब आपके सामने कोई मुश्किल प्रश्न हो तो कभी ये नहीं सोचें कि ये मुझसे नहीं होगा बल्कि ये सोचें कि कैसे होगा? 

⇒ “Faith, faith, faith in ourselves, faith, faith in God – this is the secret of greatness. If you have faith in all the three hundred and thirty millions of your mythological gods, and in all the gods which foreigners have now and again introduced into your midst, and still have no faith in yourselves, there is no salvation for you” – Swami Vivekananda.

Tips 3 : अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें 

हमारी भावना जैसी होती है हम बाहरी दुनिया में वैसे ही कार्य करते हैं. यह हमारी ज़िन्दगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. यदि अपनी भावना पर काबू नहीं किया जाए तो हमारा स्वभाव अनियंत्रित हो जायेगा जिसका सीधा असर हमारे व्यक्तित्व पर पड़ेगा. अपनी भावना के अनुसार ही हमारा बर्ताव हो जाता है जैसे कि हमारा खुश होना, दुखी होना, निराशा में डूब जाना, बौखला जाना आदि. आपको शांत रहना सीखना होगा अचानक अपनी भावना को बहार नहीं आने दें. 

Tips 4 : Body Language में सुधार करें 

क्या आप जानते हैं कि आपकी शारीरिक भाषा (क्रिया) यानि body language भी आपके बारे में बहुत कुछ बयाँ करती है? आपका हर तौर तरीका जैसे आपका चलने का, खाने का, उठने – बैठने का, दूसरों से बातें करने का आदि सभ्य तरीके से होना चाहिए. खुद का आत्मविश्वास जगाने के लिए कभी भी किसी से बातें करें तो आँखों से आँख मिलाकर ही करना सीखें. प्रभावशाली संवाद करना सीखें, और इसका फ़ायदा आप  खुद ही महसूस करने लगेंगे. जैसे ही आपकी वाणी में स्पष्टा आएगी दुसरे लोग आपको बेहतर प्रतिक्रिया देनें लगेंगे.

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Tips 5 : धैर्य रखें 

अपने जीवन में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए धैर्य रखना जरुरी है. अधीरता से किया गया हर कार्य का लाभ कम हानि ज्यादा है. धैर्यवान व्यक्ति के द्वारा ही बड़ा काम किया जा सकता है और उसकी समाज में प्रतिष्ठा भी बनी रहती है. एक धैर्यवान व्यक्ति ही समझदारी पूर्वक त्वरित निर्णय लेने की क्षमता रखता है. 

Tips 5 : नशा मुक्त स्वस्थ जीवन चुनें 

अच्छा स्वास्थ्य आपको खुशहाल रखता है, आत्मविश्वास जगाता है, इसके बल पर ही कोई व्यक्ति अपने जीवन के प्रति उत्साही हो सकता है इसीलिए अपने  स्वास्थ्य का ध्यान रखें. इसके लिए आप योगा, व्ययायम, प्राणायाम आदि तरीके अपना सकते हैं. अपने  खान – पान की आदतों में बदलाव करने की जरुरत है जो आपको निरोग रखे. किसी भी प्रकार के नशापान से दूर रहें इसके कारण आपके शारीर में नुकशान होने के साथ – साथ अपने घर और समाज में भी प्रतिष्ठा चली जायेगी. 

Tips 6 : लोगों से मिलना – जुलना सीखें 

जीवन में बदलाव करने के लिए जब भी आपको अवसर मिले किसी से मिलने में संकोच नहीं करें. ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलने जुलने में आपको बहुत कुछ नया सीखने को मिलेगा. आपमें लोगों को deal करने की क्षमता का विकास होगा. यदि आप संकोची स्वभाव के हैं तो भिन्न – भिन्न लोगों से मिलना आपके लिए अत्यावश्यक है. 

Final words : personality development kaise kare?

अंत में मैं आपसे इतना कहना चाहूँगा कि यदि आप जीवन में सफल होना चाहते हैं, कुछ नया करना चाहते है और सीखना चाहते हैं तो अपनी गलतियों को अपना सीख बना लें. याद रखें यह जीवन बहुत छोटी नहीं होती है और इस जीवन में गलतियाँ होती ही रहेगी.

लोगों के प्रति अपना व्यक्तित्व मधुर बनायें इससे आपका ही फ़ायदा है. कभी भी किसी का भरोषा नहीं तोड़ें और समाज में एक ईमानदार छवि बनायें. एक बार भरोषा टूट जाता है तो जुटना मुश्किल है.

बड़ों का आदर करें, छोटों को प्यार दें, विनम्र बनें और अपनी प्रतिभा को पहचाने. मैं पुनः दोहराना चाहूँगा कि हर व्यक्ति अपने आप में अनूठा होता है. जो ख़ास गुण आपके पास है वह किसी अन्य के पास नहीं होगा. खुद का व्यक्तित्व विकास कर आप अपना जीवन सवांर सकते हैं. आज के लेख में बस इतना ही आशा करता हूँ आपको आज का लेख personality development kaise kare? जरुर पसंद आई होगी.

Lal Anant Nath Shahdeo

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