Quote of the day in Hindi : पढ़िए प्रेरक विचार हिंदी में

Amazing Facts

नमस्कार दोस्तों! हमारे वेबसाइट aryavarta talk में आपका स्वागत है. अब करें हर दिन की शुरुआत अच्छे विचारों के साथ जो आपको एक नए उर्जा से भर देगी. विचारों का हमारे जीवन में बहुत अधिक महत्व है, यह वो उर्जा है जो हमारे जीवन बदल देती है.

हमारे अपने संस्कारों के कारण बुरे विचार आते रहते हैं इसके लिए जरुरी है प्रत्येक दिन नियमित रूप से अच्छे विचारों के साथ एक नए जीवन की शुरुआत की जाए. पढ़िए हमारे साथ Quote of the day in Hindi : पढ़िए प्रेरक विचार हिंदी में.

quote of the the day in hindi

दिन भर में कभी न कभी कुछ देर के लिए ही सही महान विचारों का मनन करने का अभ्यास जरुर करना चाहिए यदि आप अपने जीवन में परिवर्तन चाहते हैं तो ? इसी कमी को पूरा करने के लिए हम प्रस्तुत कर रहे हैं आपके लिए शक्तिदायी विचार. तो फीर से स्वागत हैं है Quote of the day in hindi में.

Quote of the day in Hindi : पढ़िए प्रेरक विचार हिंदी में

swami vivekananda quote in hindi

ज़िन्दगी के तीन मंत्र –

  • आनंद में वचन मत दीजिये
  • क्रोध में उत्तर मत दीजिये
  • और दुःख में निर्णय मत लीजिये

»हर समस्या एक उपहार हैं, समस्याओं के बिना इंसान आगे नहीं बढ़ सकता Tony Robbins

»जो लोग दूसरों का अपमान करते हैं वास्तव में वो अपना ही सम्मान खोते हैं .

»जिंदगी अपने दम पर जी जाती है, दूसरों के कंधे पर तो सिर्फ जनाजे उठाये जाते हैं – भगत सिंह

»”एक बात हमेशा याद रखना ऐ मेरे दोस्त ! सुख के समय सभी हमारा साथ देते हैं किन्तु दुःख के समय सिर्फ ईश्वर हमारा साथ देता है .”

सधन्यवाद! यदि आप भी कुछ प्रेरक विचार हमारे साथ शेयर करना चाहते हैं तो आप कमेंट करके अपने अच्छे विचारों को हमारे साथ साझा कर सकते हैं.

आपको यी भी जानना चाहिए –

भारतीय संविधान की उद्देशिका

“हम भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक, गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को:

सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढाने के लिए दृढसंकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर, 1949 ई. (मिति मार्गशीर्ष शुक्ल सप्तमी, संवत दो हजार छह विक्रमी) को एतदद्वरा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित, और आत्मार्पित करते हैं.”

जय हिन्द.

Lal Anant Nath Shahdeo

मैं इस हिंदी ब्लॉग का संस्थापक हूँ जहाँ मैं नियमित रूप से अपने पाठकों के लिए उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करता हूँ. मैं अपनी शिक्षा की बात करूँ तो मैंने Accounts Hons. (B.Com) किया हुआ है और मैं पेशे से एक Accountant भी रहा हूँ.

https://www.aryavartatalk.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *